पहल के बारे में

पहल यानी पहला क़दम उठाना।

हमारा सफ़र सन् 2000 में शुरू हुआ, जब माँ की स्मृति में धामनोद में शिव्स एकेडमी की स्थापना हुई। 2015 में यह पहल ए स्कूल बना, जहाँ कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई होती थी।

2024 में, अपने 25वें वर्ष में, हमने ए.बी. रोड बायपास, गुलझरी में 9 बीघा में फैला नया, सर्वसुविधायुक्त परिसर शुरू किया, जहाँ अब पढ़ाई नर्सरी से शुरू होती है।

इसके पीछे सोच सीधी है। नई शिक्षा नीति के बाद सभी बोर्डों का पाठ्यक्रम लगभग एक समान है; असली अंतर सुविधाओं का है। इसलिए हम बच्चों को उच्च स्तरीय स्कूल जैसी प्रयोगशालाएँ, डिजिटल कक्षाएँ, पुस्तकालय और खेल मैदान, यहाँ के परिवारों के बजट में देते हैं।

दृष्टि

हमारे क्षेत्र के हर बच्चे को उच्च स्तरीय स्कूल जैसी शिक्षा और सुविधाएँ, उसके परिवार के बजट में।

लक्ष्य

ऐसा नैतिक वातावरण बनाना और सँवारना जो हर बच्चे की प्रतिभा, रचनात्मकता, साझेदारी और नवाचार की भावना को निखारे; जहाँ हर विद्यार्थी स्वतंत्र रूप से सोचना और काम करना सीखे, और अकेले तथा मिलकर, सोच-समझकर मूल्यों पर आधारित निर्णय ले सके।

दुनिया के ज्ञान और समझ के साथ-साथ हम दूसरों के कल्याण और भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं, जो मूल्यों के प्रति जीवनभर की सजग प्रतिबद्धता की नींव है। और हम गुलझरी, धामनोद तथा आसपास के क्षेत्रों के परिवारों के लिए अपने बच्चों को घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना संभव बनाते हैं।

नेतृत्व

श्रीमती हर्षा वर्मा, निदेशिका (बाएँ) और श्री शिवशंकर वर्मा, अध्यक्ष एवं प्राचार्य (दाएँ)
श्रीमती हर्षा वर्मा, निदेशिका (बाएँ) और श्री शिवशंकर वर्मा, अध्यक्ष एवं प्राचार्य (दाएँ)

शिवशंकर वर्मा

संस्थापक, अध्यक्ष एवं प्राचार्य

प्रिय अभिभावकगण एवं विद्यार्थियो,

सन् 2000 में माँ की स्मृति में शिव्स एकेडमी की स्थापना से लेकर पहल ए स्कूल, धामनोद तक के इस सफ़र में हमने आपके विश्वास और अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हर दिन प्रयास किया है। इस यात्रा में आपके सहयोग और शुभकामनाओं के लिए हृदय से धन्यवाद।

अपने 25वें वर्ष, 2024 में, हमने ‘कुछ अलग सोच के साथ’ अगला क़दम उठाया: ए.बी. रोड बायपास, गुलझरी में 9 बीघा में फैला नया, सर्वसुविधायुक्त परिसर, जहाँ पढ़ाई नर्सरी से शुरू होती है। जो सुविधाएँ आप उच्च स्तरीय स्कूलों में चाहते हैं, वे सभी यहाँ हैं, और हमारी कोशिश है कि वे आपके बजट में रहें।

अक्सर हम बच्चों को महँगे स्कूलों में इसलिए भेजते हैं क्योंकि वहाँ उनके सर्वांगीण विकास की सुविधाएँ अधिक होती हैं। नई शिक्षा नीति के बाद सभी बोर्डों का पाठ्यक्रम लगभग एक समान है; असली अंतर सुविधाओं का है। इसलिए म.प्र. बोर्ड में रहते हुए हम नई शिक्षा नीति पर आधारित कौशल और तकनीक के साथ एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं, और न्यूनतम शुल्क में उच्च स्तरीय स्कूल जैसी शिक्षा और सुविधाएँ देते हैं।

आपसे निवेदन है कि एक बार हमारे नवीन विद्यालय का अवलोकन करें और हमें अपना मार्गदर्शन दें, ताकि हम अपने सपनों के साथ आपके सपनों को भी पूरा कर सकें। आप सादर आमंत्रित हैं।

शिवशंकर वर्मासंस्थापक, अध्यक्ष एवं प्राचार्य

हर्षा वर्मा

निदेशिका

प्रिय अभिभावकगण,

हमारे द्वार से आने वाला हर बच्चा अलग होता है। कोई पढ़कर सीखता है, कोई करके, और कोई मंच पर आकर खिल उठता है। सच्चा सर्वांगीण विकास तभी होता है जब हर बच्चे को बढ़ने के लिए सही वातावरण मिले: सुसज्जित प्रयोगशाला, डिजिटल कक्षा, पुस्तकालय, खेल का मैदान और मंच। पहल में हमने यही वातावरण तैयार किया है।

हमारे नन्हे विद्यार्थी खेल, रंगों, कविताओं और कहानियों से शुरुआत करते हैं। वरिष्ठ विद्यार्थी उसी लगन से बोर्ड परीक्षाओं और जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। हमारे शिक्षक उन बच्चों पर विशेष ध्यान देते हैं जिन्हें इसकी ज़रूरत है, ताकि किसी को बाहर ट्यूशन पर निर्भर न रहना पड़े।

अंकों के साथ-साथ हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे आत्मविश्वासी, अनुशासित, दूसरों के प्रति संवेदनशील और अपनी संस्कृति पर गर्व करने वाले बनें। एक बार हमारा परिसर अवश्य देखें। आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

हर्षा वर्मानिदेशिका

बोर्ड और पाठ्यक्रम

हम एमपी बोर्ड (माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश, भोपाल) से जुड़े विद्यालय हैं, जहाँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कौशल और तकनीक पर ज़ोर के साथ एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है।